दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक गाड़ी बनाने वाली कंपनियों में से एक, बीवाईडी (BYD) कंपनी, इस हफ़्ते फिर चर्चा में है। अगले हफ़्ते कंपनी अपने नतीजे बताने वाली है। इसी बीच चीन में उसकी बिक्री पर दबाव दिख रहा है, जबकि विदेशों में उसका कारोबार तेज़ी से बढ़ रहा है।
बीवाईडी (BYD) का बोर्ड 29 अक्टूबर को बैठक करेगा। इसमें 30 सितंबर तक के नौ महीनों के बिना-ऑडिट वाले तीसरी तिमाही के नतीजे मंज़ूर किए जाएंगे। निवेशक इस रिपोर्ट पर नज़र रखे हुए हैं, क्योंकि इससे पता चलेगा कि कंपनी का विदेशी कारोबार घरेलू गिरावट की भरपाई कर पा रहा है या नहीं।
शेयर बाज़ार में कंपनी की हालत थोड़ी कमज़ोर है। 23 अक्टूबर को उसका शेयर यूरोपीय बाज़ार में करीब 8.14 यूरो पर था, जो पिछले 52 हफ़्तों की सबसे निचली कीमत के काफ़ी पास है। पिछले एक साल में शेयर अपने ऊपरी स्तर से काफ़ी नीचे आया है। यह जानकारी सिर्फ़ ख़बर के तौर पर दी जा रही है, निवेश की सलाह नहीं है।
कंपनी की सितंबर मे बिक्री: कुल बढ़त, पर चीन में कमज़ोरी
कंपनी के आँकड़ों में दो अलग तस्वीरें दिखती हैं। सितंबर में बीवाईडी ने कुल 4,63,561 गाड़ियाँ बेचीं, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 17 प्रतिशत ज़्यादा है। इसमें से करीब 1.8 लाख यात्री गाड़ियाँ और पिकअप विदेश भेजी गईं, यानी निर्यात में एक साल पहले की तुलना में कई गुना उछाल आया।
लेकिन चीन के भीतर हालात उतने अच्छे नहीं हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर में चीन में बीवाईडी की यात्री कारों की खुदरा बिक्री करीब 2.47 लाख रही, जो एक साल पहले से लगभग 29 प्रतिशत कम है। चीन के डीलर संगठन के आँकड़ों के अनुसार अक्टूबर के पहले 18 दिनों में देश भर में यात्री कारों की खुदरा बिक्री 26 प्रतिशत गिरी। यह गिरावट सिर्फ़ बीवाईडी की नहीं, पूरे बाज़ार की है। इसका मतलब है कि चीन का बाज़ार धीमा पड़ रहा है, और इसीलिए कंपनी विदेश की ओर ज़्यादा ज़ोर लगा रही है।
ब्राज़ील में फैक्ट्री को दोगुना करने की तैयारी
विदेशी विस्तार की सबसे बड़ी ख़बर ब्राज़ील से आई है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को ब्राज़ील में कंपनी के प्रमुख ने बताया कि कैमासारी की फैक्ट्री की सालाना क्षमता दोगुनी करके 6 लाख गाड़ियाँ करने के लिए लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कंपनी का कहना है कि माँग उत्पादन से आगे निकल गई है। यह फैक्ट्री पिछले साल अक्टूबर में ही शुरू हुई थी।
छोटी कार से नए बाज़ारों में एंट्री
बीवाईडी (BYD) अब छोटी और सस्ती गाड़ियों पर भी दाँव लगा रही है। कंपनी की छोटी इलेक्ट्रिक कार “रैको” जापान में 28 जुलाई 2026 को बिक्री के लिए आई और 9 अक्टूबर को श्रीलंका में उतारी गई, जो जापान के बाहर इसका पहला बाज़ार है। यह कार जापान की “केई कार” श्रेणी की है, यानी बहुत छोटी और कम बिजली खपत वाली। भारतीय मूल के लोगों के लिए यह जानना दिलचस्प हो सकता है कि कंपनी एशिया के कई देशों में ऐसे छोटे मॉडल तेज़ी से पहुँचा रही है।
अमेरिका में बीवाईडी की गाड़ियाँ क्यों नहीं बिकतीं?
यह वह सवाल है जो अमेरिका में रहने वाले ज़्यादातर पाठक पूछते हैं। सीधा जवाब है: अभी नहीं बिकतीं। अक्टूबर 2026 तक बीवाईडी अमेरिका में कोई नई यात्री कार नहीं बेचती।
इसके कई कारण बताए जाते हैं:
- भारी टैक्स: चीन में बनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर 100 प्रतिशत तक का आयात शुल्क लगता है, जिससे दाम लगभग दोगुने हो जाते हैं।
- सुरक्षा के नियम: अमेरिकी सरकार ने इंटरनेट से जुड़ी गाड़ियों पर नए नियम बनाए हैं, जिनका असर चीनी कंपनियों पर पड़ता है।
- डीलर नेटवर्क की कमी: कंपनी के पास अमेरिका में न तो शोरूम हैं और न ही सर्विस का ढाँचा।
कंपनी भी चुप नहीं बैठी है। बीवाईडी ने अमेरिकी व्यापार अदालत में टैरिफ़ को चुनौती देते हुए मुकदमा किया है।
फिर भी अमेरिका में बीवाईडी फैक्ट्री है
कम लोग जानते हैं कि बीवाईडी (BYD) का अमेरिका में कारोबार पहले से है। कैलिफ़ोर्निया के लैंकेस्टर में उसकी फैक्ट्री इलेक्ट्रिक बसें बनाती है। कंपनी के अनुसार वहाँ 750 से ज़्यादा लोग काम करते हैं, और 14 राज्यों में उसके ग्राहक हैं। पहली अमेरिकी-निर्मित इलेक्ट्रिक बस 2014 में दी गई थी।
अभी बसों पर कारों जैसा नियम लागू नहीं है। अमेरिकी सरकार के नियम में बस जैसी व्यावसायिक गाड़ियाँ शामिल नहीं हैं, और उनके लिए अलग नियम आना बाकी है। आगे चलकर यह तस्वीर बदल भी सकती है।
अब सबकी नज़र 29 अक्टूबर की बैठक पर है। नतीजे बताएँगे कि विदेशी बिक्री का उछाल चीन की गिरावट को कितना सँभाल पा रहा है। अमेरिका के लिए बड़ी ख़बर तभी बनेगी जब टैरिफ़ या नियमों में कोई बदलाव आए। फ़िलहाल अमेरिकी ग्राहकों को बीवाईडी की Car के लिए इंतज़ार करना होगा।
नतीजे आने के बाद हम इस ख़बर को नए आँकड़ों के साथ अपडेट करेंगे।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सार्वजनिक रिपोर्टों पर आधारित है और बदल सकती है। यह केवल सूचना के लिए है, निवेश या ख़रीदारी की सलाह नहीं। सभी ब्रांड नाम उनके मालिकों के हैं।


