क्रिकेट के छोटे फॉर्मेट के शौकीनों के लिए एक मज़ेदार खबर आई है। भारत के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ भुवनेश्वर कुमार हांगकांग सिक्सेस 2026 (Hong Kong Sixes) में टीम इंडिया की कप्तानी करेंगे। टूर्नामेंट 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक चलेगा और 5 अक्टूबर को आयोजकों ने सात खिलाड़ियों के भारतीय दल का ऐलान कर दिया। पिछले साल यह जिम्मेदारी दिनेश कार्तिक के पास थी।
हांगकांग सिक्सेस क्या है?
जो लोग इस टूर्नामेंट से अनजान हैं, उनके लिए बता दें कि यह छह-छह खिलाड़ियों वाली टीमों का बेहद तेज़ रफ्तार टूर्नामेंट है। मैदान पर सिर्फ छह खिलाड़ी होते हैं, इसलिए हर गेंद पर दबाव रहता है और छक्कों की बारिश आम बात है। पिछले संस्करणों के नियमों के मुताबिक यहां एक पारी सिर्फ पांच ओवर की होती है, वाइड और नो-बॉल पर दो रन मिलते हैं, और पांच विकेट गिरने पर आखिरी बल्लेबाज़ अकेला खेलता रह सकता है। फाइनल में आठ गेंद का ओवर होता है। इस बार के नियमों की पूरी जानकारी आयोजकों की घोषणा में देखी जा सकती है।
भारत के लिए इस टूर्नामेंट की एक खास याद 2005 से जुड़ी है, जब रॉबिन सिंह की कप्तानी में टीम ने खिताब जीता था। उसके बाद लंबे वक्त तक भारत की कोई बड़ी कामयाबी नहीं दिखी। टूर्नामेंट कुछ साल बंद भी रहा और 2024 में वापस लौटा।
भारतीय टीम में कौन-कौन है?
सात खिलाड़ियों के इस दल में IPL के जाने-पहचाने चेहरे हैं:–
- भुवनेश्वर कुमार (कप्तान), रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु
- कृणाल पंड्या, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु
- शशांक सिंह, पंजाब किंग्स
- राहुल तेवतिया, गुजरात टाइटंस
- नितीश राणा, दिल्ली कैपिटल्स
- राहुल त्रिपाठी, कोलकाता नाइट राइडर्स
- टी. नटराजन, दिल्ली कैपिटल्स
इनमें से सिर्फ शशांक सिंह और राहुल तेवतिया ऐसे हैं जिन्होंने भारत के लिए सीनियर टीम से कोई मैच नहीं खेला। तेवतिया को 2021 में इंग्लैंड सीरीज़ के लिए T20I टीम में जगह मिली थी, पर उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। शशांक को अब तक भारत की तरफ से बुलावा नहीं आया है।
भुवी क्यों हैं सही चुनाव
36 साल के भुवनेश्वर ने भारत के लिए तीनों फॉर्मेट खेले हैं। उनका अंतरराष्ट्रीय डेब्यू दिसंबर 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ T20I में हुआ था। वे उत्तर प्रदेश की कप्तानी कर चुके हैं और IPL में सनराइज़र्स हैदराबाद के लिए स्टैंड-इन कप्तान की भूमिका भी निभा चुके हैं। यानी कप्तानी उनके लिए नई चीज़ नहीं है।
फॉर्म भी उनके साथ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक IPL 2026 में उन्होंने 16 मैचों में 28 विकेट लिए, और उस सीज़न में जहां बल्लेबाज़ जमकर रन बना रहे थे, उनकी इकॉनमी करीब 7.95 रही। RCB की खिताबी रक्षा में उनका किरदार अहम माना गया। नई गेंद से स्विंग कराने की उनकी खूबी सिक्सेस जैसे फॉर्मेट में खास काम आ सकती है, जहां शुरुआती विकेट पूरी पारी का रुख मोड़ देते हैं।
एक बात साफ कर दें, ताकि कोई गलतफहमी न रहे। भुवनेश्वर ने भारत के लिए आखिरी मैच नवंबर 2022 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ T20I खेला था, और यह कप्तानी राष्ट्रीय टीम में वापसी का पक्का संकेत नहीं है। फिर भी IPL में शानदार प्रदर्शन के बाद उनके नाम की चर्चा चल रही थी, इसलिए इस टूर्नामेंट पर फैंस की नज़र रहेगी।
ग्रुप और भारत-पाकिस्तान का मुकाबला
12 टीमों के इस टूर्नामेंट में भारत को ग्रुप C में रखा गया है। यहां उसके साथ पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) हैं। यानी पुराना और सबसे बड़ा मुकाबला, भारत बनाम पाकिस्तान, इस बार भी तय है। इस भिड़ंत के लिए आम तौर पर सबसे ज्यादा उत्साह रहता है, चाहे फॉर्मेट कोई भी हो।
पिछले साल का हाल
2025 में भारत ने अभियान की शुरुआत शानदार की थी। उसने पाकिस्तान को DLS नियम से 2 रन से हराया। मगर इसके बाद के मैचों में हार मिली और टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। 2024 में भी भारत का सफर ग्रुप स्तर पर ही रुक गया था। इस बार टीम की कोशिश होगी कि वह उससे आगे जाए और नॉकआउट में अपनी जगह बनाए।
क्या है उम्मीदें
इस टीम में बल्लेबाज़ी की ताकत अच्छी दिखती है। नितीश राणा टॉप ऑर्डर में आक्रामक शुरुआत दे सकते हैं, जबकि शशांक सिंह और राहुल तेवतिया अंत में तेज़ रन जोड़ने के लिए जाने जाते हैं। राहुल त्रिपाठी की हमलावर बल्लेबाज़ी भी काम आएगी। गेंदबाज़ी में भुवनेश्वर के साथ नटराजन के रूप में एक विशेषज्ञ लेफ्ट-आर्म तेज़ गेंदबाज़ है, और कृणाल पंड्या ऑलराउंडर के तौर पर संतुलन देंगे।
सिक्सेस ऐसा फॉर्मेट है जहां एक ओवर का फर्क पूरा मैच पलट देता है, इसलिए किसी भी टीम को पहले से कमज़ोर या मजबूत मानना ठीक नहीं। भारत की रणनीति कैसी रहेगी और भुवी अपनी कप्तानी में नए खिलाड़ियों को कैसे संभालते हैं, यह 30 अक्टूबर से साफ होगा। मैचों का शेड्यूल और प्रसारण की जानकारी के लिए Cricket Hong Kong की आधिकारिक घोषणाओं पर नज़र रखिए।
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नोट: सभी जानकारी 6 अक्टूबर 2026 तक की रिपोर्टों पर आधारित है।


